अब द्वारसौं के जंगल में मिला मादा तेंदुए का शव

रानीखेत। तल्ली रियूनी के बाद अब द्वारसौं के कंपाट नं. 14 से मादा तेंदुए का शव बरामद हुआ है। शव पानी में डूबा हुआ था, एक हफ्ते के भीतर दूसरी घटना से वन विभाग के हाथ पांव फूल गए हैं। पोस्टमार्टम में तेंदुए की अत्यधिक ठंड लगने से मौत होने की संभावना जताई जा रही है। वन विभाग के कर्मचारियों ने कालिका में ही शव को जला दिया है।
नगर से चार किमी दूर स्थित कालिका रेंज अंतर्गत द्वारसौं में तेंदुए के शव की सूचना के बाद वन क्षेत्राधिकारी दीवानी राम के नेतृत्व में वन कर्मचारी मौके पर पहुंचे। रेंजर ने बताया कि तेंदुए का शव गधेरे के पानी में डूबा हुआ था। पशु चिकित्साधिकारी डा. ममता यादव ने पोस्टमार्टम के बाद बताया कि फेफड़ों में संक्रमण की शिकायत लग रही थी, संभवत: अत्यधिक ठंड के कारण मौत हो सकती है। मादा तेंदुए की उम्र 3 से 4 वर्ष है। शव चार दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। शरीर में कहीं भी चोट के निशान नहीं थे। मालूम हो कि इसी माह 13 दिसंबर को मजखाली के तल्ली रियूनी स्थित नाप खेतों में भी तेंदुए का शव बरामद हुआ था। उसकी भी ठंड से मौत होने की संभावना जताई गई थी।
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कहीं साथी तो नहीं थे दोनों तेंदुए
रानीखेत। 13 दिसंबर को तल्ली रियूनी में जो तेंदुए का शव बरामद हुआ था, उसके बाद एक अन्य तेंदुए ने क्षेत्र में रात भर आतंक मचाया था। लोगों ने रात भर पटाखे और कनस्तर बजाकर उसे भगाया था। अब द्वारसौं में मृत मादा तेंदुआ मिलने से दोनों के साथी होने की चर्चा है। वन क्षेत्राधिकारी दीवानी राम का कहना है कि ग्रामीणों की बात को नकारा नहीं जा सकता।

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